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मानसरोवर थारो बाप हो रनादेव / निमाड़ी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

मानसरोवर थारो बाप हो रनादेव,
भर्यो-तुर्यो भण्डार थारो ससरो हो रनादेव।
बहती सी गंगा थारी माय हो रनादेव,
भरी-पूरी बावड़ी थारी सासू हो रनादेव।
सरावण तीज थारी बईण हो रनादेव,
कड़कती बिजळई थारी नणंद हो रनादेव।
गोकुल को कान्ह थारो भाई हो रनादेव,
तरवरतो बिच्छू थारो देवर हो रनादेव।
गुलाब को फूल थारो बाळो हो रनादेव,
झपलक दीवलो थारो जँवई हो रनादेव।
कवळा की केळ थारी कन्या हो रनादेव,
बाड़ उपर की वांजुली थारी दासी हो रनादेव।
पळा वाळई नार थारी सौत हो रनादेव।
उगतो सो सूरज थारो स्वामी हो रनादेव।