भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
"चिड़िया / अनुभूति गुप्ता" के अवतरणों में अंतर
Kavita Kosh से
Sharda suman (चर्चा | योगदान) ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=अनुभूति गुप्ता |अनुवादक= |संग्रह=...' के साथ नया पृष्ठ बनाया) |
(कोई अंतर नहीं)
|
18:34, 2 मई 2017 के समय का अवतरण
चीं-चीं, चीं-चीं, चीं-चीं चीं-चीं,
चिड़िया हमसे कहती है,
अपने नीड़ सलोने में वो
बच्चों के सँग रहती है।
दाना-दुनका चुनकर चिड़िया,
पास हमारे आयेगी।
बड़े चाव से बच्चों को वह,
चुग्गा खूब खिलायेगी।

