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आई रितु़ड़ी रे सुणमुणया रे / गढ़वाली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

आई रितु़ड़ी<ref>ऋतु</ref> रे सुणमुणया<ref>सुहावनी</ref> रे
आई गयो बालो<ref>किशोर</ref> वसन्त रे।
फूलण लैगी गाडू<ref>नदी, तट</ref> की फ्योंलड़ी<ref>फ्यूली, फूल</ref>
सेरा<ref>खेत</ref> की मींडोली<ref>मेंड</ref> नैं डाली पैंया<ref>पù</ref> जामी।
कूली<ref>कूल, पानी</ref> का ढीसोली<ref>ऊपर</ref>, नैं डाली पैंया जामी।
चला दीदि भुलेऊँ, नैं डाली पैंया जामी।
क्वी मीटी काट्यौला, नैं डाली पैंया जामी।
क्वी दुंगा<ref>पत्थर</ref> चाड़ यौला, नैं डाली पैयां जामी।
दूपत्ति<ref>दो पत्ती</ref> ह्वे गये, नैं डाली पैंया जामी।
द्यू करा धूपाणों, नैं डाली पैंया जामी।
क्वी दूद चार्यौंला, नैं डाली पैंया जामी।
चौपत्ति ह्वे गये, नैं डाली पैंया जामी।
द्यवतों का सत्तन, नैं डाली पैंया जामी।
दूफौंकी ह्वे गये, नैं डाली पैंया जामी।
झपन्याली<ref>हरी-भरी</ref> ह्वे गये, नैं डाली पैंया जामी।
चला छैलू<ref>छाया</ref> बैठ्यौला, नैं डाली पैंया जामी।
धौली<ref>नदी का नाम</ref> का किनारा, यो फूल के को<ref>किसका</ref>?
अनमन<ref>अनोखा</ref> भांति को, यो फूल के को?
सैरो<ref>सारा</ref> बोण<ref>वन</ref> मोयेणे<ref>मोहित</ref> यो फूल के को?
सैरो धौली धुमैली<ref>धुंधली</ref>, यो फूल के को?
देवतों सरोख्या<ref>समान</ref>, यो फूल के को?
टोपी मा धर<ref>रखना</ref> लेणू, यो फूल के को?
धौली का किनारा, यो फूल के को?

शब्दार्थ
<references/>