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विनोद भारद्वाज / परिचय

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विनोद भारद्वाज


जन्म

08 अक्तूबर 1948 जन्म स्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत

कृतियाँ

जलता मकान / विनोद भारद्वाज (1980),

होशियारपुर / विनोद भारद्वाज (1990)

पुरस्कार

विविध पंजाबी, मराठी, अंग्रेज़ी, जर्मन और रूसी भाषाओं में कविताओं के अनुवाद । भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार (1981)

कवि परिचय :


विनोद भारद्वाज, जन्म : 1948 में लखनऊ। शिक्षा : मनोविज्ञान में एम.ए. 1971 में लखनऊ विश्वविद्यालय। 1967-69 में बहुचर्चित पत्रिका के आरम्भ के संपादक रहे। 1973 से 1998 तक वह टाइम्स ऑफ़ इंडिया के हिंदी प्रकाशनों से पत्रकार के रूप में जुड़े। धर्मवीर भारती के धर्मयुग में प्रारंभिक प्रशिक्षण। लंबे समय तक दिनमान से जुड़े। रघुवीर सहाय के लिए आधुनिक जीवन, विचार, फ़िल्म और कला पर लिखा। नब्बे के दशक में तीन साल तक वह नवभारत टाइम्स के फ़ीचर संपादक। अब स्वतंत्र पत्रकारिता, फ़िल्म निर्माण और आर्ट क्यूरेटर के कार्य में संलग्न। विनोद भारद्वाज ने कला-संबंधी अमेरिका की प्रसिद्ध अलेक्ज़ेंडर स्ट्रीट प्रेस द्वारा ऑनलाइन वितरण के लिए अनुबंधित कुछ प्रयोगधर्मी फ़िल्मों का निर्देशन भी किया है। चित्रकार स्वामीनाथन, भवेश सान्याल और शैलोज़ मुखर्जी, जोगेन चौधरी, रामचंद्रन, कृष्ण खन्ना आदि पर इनकी बनाई फ़िल्में चर्चित रही।

कृतियाँ : तीन कविता संग्रह : जलता मकान, होशियारपुर, होशियारपुर और अन्य कविताएँ। कहानी संग्रह : फ़ेसबुकिया लव। तीन उपन्यास : सेप्पुकु, सच्चा झूठ और एक सेक्स मरीज़ का रोगनामचा। कला और सिनेमा पर अनेक चर्चित पुस्तकें। ‘वृहद् आधुनिक कला कोश’ वाणी प्रकाशन की एक बहुचर्चित पुस्तक। ब्रज शर्मा द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित सेप्पुकु और सच्चा झूठ हार्पर कॉलिंस से प्रकाशित। यात्रा (वाणी) ने हाल में डायरी ऑफ ए सेक्स एडिक्ट अंग्रेज़ी में प्रकाशित। यादनामा 1, और 2 लॉक्डाउन की डायरी के रूप में 3 ए रामचंद्रन की अंग्रेज़ी में किताब ‘द लोटस पॉंड’ कॉपर क्वाइन से प्रकाशित। यात्रा संस्मरणों की किताब ‘परदेसनामा’ प्रकाशित।

1989 में उन्हें लेनिनग्राद (रूस) के पहले ग़ैर कथाफ़िल्म अंतररराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव की ज्यूरी के सदस्य रहे। हिंदी के वे एकमात्र फ़िल्म समीक्षक हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय ज्यूरी के सदस्य बनाए जाने का यह दुर्लभ सम्मान मिला। 1981 में श्रेष्ठ कविता के लिए उन्हें भारतभूषण अग्रवाल सम्मान (निर्णायक विष्णु खरे)। 1982 में नामवर सिंह की अध्यक्षता में श्रेष्ठ सर्जनात्मक लेखन के लिए ‘संस्कृति पुरस्कार’।