किसे और की कहानी कोन्या / रणवीर सिंह दहिया
किसे और की कहानी कोण्या,
इसमें ये राजा राणी कोन्या,
सै अपनी बात बिरानी कोण्या,
थोड़ा दिल नै थाम लियो॥
1
यारी घोड़े अर घास की भाई,
नहीं चालै दुनिया कहती आई,
बाहूं और फेर बोऊँ खेत मैं,
बालक रुलते म्हारे रेत मैं,
भरतो मरती मेरी सेत मैं,
अन्नदाता का मत नाम लियो॥
2
जमकै लूटै सै मण्डी सबनै,
बीज खाद मिलै म्हंगा हमनै,
लुटाई मजदूर किसान की,
ये आंख फूटी भगवान की,
यो भरै तिजूरी शैतान की,
देख इसके तम काम लियो॥
3
छप्पण साल की आजादी मैं,
कसर रही ना बरबादी मैं,
ये बालक म्हारे बिना पढ़ाई,
मरैं बचपन मैं बिना दवाई,
कड़ै गई म्हारी कष्ट कमाई,
झूठी होतै तम लगाम दियो॥
4
शेर बकरी का मेल नहीं सै,
घणी चालै धक्का पेल नहीं सै,
आप्पा मारैं पार पड़ैगी म्हारी,
जिब कट्ठी होकै जनता सारी,
लीख काढ़ै या सबतै न्यारी,
रणबीर सिंह का सलाम लियो॥

