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"शब्द / मंगलेश डबराल" के अवतरणों में अंतर

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कुछ शब्द चीख़ते हैं
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घुस जाते हैं इतिहास में
 
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कुछ हो जाते हैं ख़ामोश
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(रचनाकाल : 1975)
 
(रचनाकाल : 1975)

12:50, 9 मई 2013 के समय का अवतरण

कुछ शब्द चीख़ते हैं
कुछ कपड़े उतार कर
घुस जाते हैं इतिहास में
कुछ हो जाते हैं ख़ामोश

(रचनाकाल : 1975)