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"क्षमा याचना / अटल बिहारी वाजपेयी" के अवतरणों में अंतर

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जयप्रकाश जी! रखो भरोसा,
बचन भंग के हम अपराधी,<br>
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23:38, 12 अक्टूबर 2009 के समय का अवतरण

क्षमा करो बापू! तुम हमको,
बचन भंग के हम अपराधी,
राजघाट को किया अपावन,
मंज़िल भूले, यात्रा आधी।

जयप्रकाश जी! रखो भरोसा,
टूटे सपनों को जोड़ेंगे।
चिताभस्म की चिंगारी से,
अन्धकार के गढ़ तोड़ेंगे।