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"प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो / इंदीवर" के अवतरणों में अंतर

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छो (आता लबों पे नाम तेरा / प्रतिमा का नाम बदलकर प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो / इंदीवर कर दिया गया है)
 
(कोई अंतर नहीं)

05:59, 1 मार्च 2010 के समय का अवतरण

प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो
समदरसी है नाम तुम्हारो, नाम की लाज करो
प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो..

एक नदी एक नाला कहाय, मैल हो नीर भरो
गंगा में मिल कर दोनों, गंगा नाम परो
प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो..

काँटे और कलियाँ दोनों से, मधुबन रहे भरो
माली एक समान ही सीँचे, कर दे सबको हरो
प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो..