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भावभिनी श्रधांजलि देखा
<poem>समर्पित ज्येष्ठ पिताश्री-
"स्व राजवल्लभ तिवारी"
तुझमें जो भावना जगी ।
प्रियवर तेरे अश्कवार आँखों में,
मैंने भावभिनी श्रधांजलि देखा।</poem>
शेखर तिवारी "क्रान्ति"

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