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रोड़ौ : तीन / सुनील गज्जाणी

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म्हैं,
रोड़ौ
’श्रद्धा’ मांय ढळ्यौ
लैणां मांय खड्यौ माणखौ
दरसण करण सारू
बिसरा म्हारै
पैले डौळ नै।

म्हैं
फगत
अबै रोड़ौ नीं
लोगां री
श्रद्वा हूँ
आस्था हूँ।