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संगमरमर का सबेरा और हम / केदारनाथ अग्रवाल
Pratishtha
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संगमरमर का सवेरा !
और
उसकी मूर्तियाँ हम--
मूक, कातर !
आह ! हमको
शस्यश्यामा छुए,
चूमें और भेंटे !!