जब मौत
वह पुराना कचरा
समेटने वाली मौत
आएगी समेटने
हमारे शरीरों को
और पटक देगी उन्हें
विस्मृति के बोरे में
तब
मैं जानना चाहूँगा
कि क्या उसे
एक गोरे अरबपति के शव का मोल
शाश्वतता के
कुछ सिक्कों भर भी अधिक लगेगा
एक कपास बीनने वाले
नीग्रो खेत मज़दूर के
काले शरीर से?
मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : अमर नदीम