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"इस बार / ऋतु त्यागी" के अवतरणों में अंतर

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जब भी कभी
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इस बार मैं ही करूँगी
कुछ अचानक घटित होगा हमारे आसपास
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युद्ध की मुनादी
तब हम अपनी
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और संधि का प्रस्ताव
संवेदनाओं के तालाब में
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निश्चित ही तुम्हारा होगा।
एक कंकड़ फेकेंगे
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और चुपचाप देखेंगे उसमें उठते हुये बुलबुले
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फिर लौट आयेंगे थके मांदे
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अपनी संवेदनाओं को सुलाकर
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बासी दिनचर्या के पास।
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23:10, 26 जनवरी 2020 के समय का अवतरण

इस बार मैं ही करूँगी
युद्ध की मुनादी
और संधि का प्रस्ताव
निश्चित ही तुम्हारा होगा।