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उषाकाल के निजीकृत जलाशय / डेनियल बोर्जुत्स्की / राजेश चन्द्र

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शिकागो पुलिस विभाग के जांचकर्ता
बाथटब के भीतर मेरे शरीर को
कोंचते हैं
वे मेरे चेहरे पर खांसना रोक नहीं पाते
वे मालूम करना चाहते हैं
कि मैं किस मोहल्ले का रहने वाला हूं
कौन सी कूट भाषा में बात करता हूं
किनसे पायी है मैंने अपनी त्वचा और बाल
कौन-सी बीमारी छिपा रखी है
अपनी नसों के भीतर मैंने
मेरी बांह में छेद हैं और जांचकर्ता
डाल देते हैं अपनी सिगरेटें उनके भीतर
वे कश नहीं लगाते अपनी सिगरेट के
वे बस ठूंस देते हैं उन्हें मेरी बांह में
मेरे पास एक बेबुनियाद समझ है इस बारे में
कि आख़िर मतलब क्या है जीवित होने का
लेकिन क़रीब-क़रीब मेरे सारे ही अहसासों को
बुझा दिया गया है
मैं महसूस करता हूं अपने हाथ को
अपनी बांह के सिरे पर
यह एकदम भारहीन है
आंखें हैं जो तिर रही हैं हवा में
और नदी बंद नहीं कर पाती तड़कना
शुरु में जब मैं सो रहा था बाथटब में,
मैंने देखा कि छत की तरफ़
खिड़की की झिर्रियों से
झांक रहा था एक रक्तिम आसमान
मैं पानी के अंदर चीख़ पड़ा और
तभी मुझे ख़याल आया उस चिट के बारे में
जिसे भेजना था मुझे अपने माता-पिता के पास
मैं उन्हें बताना चाहता था कि
मेरी चाबी एक पड़ोसी के पास है
मैं बता देना चाहता था उन्हें
अपने बैंक खाते का चार अंकों का कोड
मैं कहना चाहता था कि
अगर मैं मर जाऊं पानी के भीतर,
अगर मैं मर जाऊं गोदाम के भीतर,
अगर मैं मर जाऊं कीचड़ में,
अगर मैं मर जाऊं जांचकर्ताओं के हाथों में,
तो कई ऐसी चीज़ें रह जायेंगी करने को
जिन्हें पूरा कर लेना चाहता था मैं
मेरा शहर तिरोहित हो चुका है
मानवता के निजीकृत तलघर में
मेरा मोहल्ला मिटा दिया गया था
एक ऐसे प्यार से
जिसका कोई सम्बंध ही नहीं था
गणित या कि भावनाओं से
उस रात मैं सो नहीं सका था
जिसके अगले ही दिन मेरा नियुक्ति-पत्र
जमा किया जाना था निजी क्षेत्र में
मैं ताकता रहा अपनी शयनकक्ष की खिड़की की तरफ़
रात के तीन बजे तक, और मैं सो नहीं सका
मैं चौंक गया था पुलिस सायरन की आवाज़ से
और मैंने देखा खिड़की से बाहर झांक कर
कि पुलिस एक जवान आदमी को
खींच रही है एक काले सेडान से बाहर
ड्राइवर के बाल लम्बे थे
वह दुबला-पतला और कुपोषित-सा था
और उन्होंने उसको
नाक की सीध में चलते जाने को कहा
आप उसके जबड़े से झांकती भूख देख सकते थे
वह चलता गया एकदम सीधा
उन्होंने उसकी आंखों पर रोशनी मारी
पीछा करो रोशनी का अपनी आंखों से
कहा अफ़सर ने
उन्होंने उसे एक पांव पर खड़ा करवाया
उन्होंने उसको एक पांव पर चलवाया
वह एक पांव पर ठीक-ठाक खड़ा रहा
उन्होंने उससे बीस दफ़े दंड-बैठक करवाया
मुझे क्यों आख़िर
बीस बार दंड-बैठक करना है, उसने पूछा
क्योंकि तुम एक घिसे-पिटे, सार्वजनिक शरीर हो,
पुलिस अफ़सर ने उसे बताया,
और अब तुम्हारा ख़ुद पर कोई अधिकार नहीं है
और फिर भूखे ड्राइवर ने बीस दंड-बैठकें कीं
उतनी कुशलता से, जितना कि उससे सम्भव था
मैं अन्धेरे की ओट में छिप गया था
और मैंने करना चाहा उस आदमी को एक संकेत
जिसे ठोंक-पीट कर यह समझाया जा रहा था
कि अब इसके बाद वह जिस भी संस्थान मेंं दाख़िल होगा
वह होने जा रहा है अरुचिकर, सख़्त और कट्टर
मैं बिस्तर पर चला गया यह मान कर
कि वे उसे किसी निजीकृत जेल की कोठरी में डाल देंगे
जहां आंखें खुलने पर वह ख़ुद को
रोशनी के एक भयावह वृत्त से घिरा पायेगा
मैं वापस अपने बिस्तर पर चला गया और
एक कड़कती हुई आवाज़ आ रही थी :
क्या तुम अंग्रेज़ी बोल लेते हो?
क्या तुम मांस खाते हो?
क्या तुम मांस रगड़ते हो अपने शरीर पर?
क्या तुम पसंद करोगे कच्चा अंग खाना मेरे साथ?
क्या तुम अपना कीड़ों से भरा अंग पसंद करते हो?
क्या तुम जानना चाहते हो कि
किस तरह पहुंच सकते हो तुम दूसरी तरफ़ नदी के?
उस आवाज़ का कोई शरीर नहीं था
पर उसका एक मुंह था
यह मेरे द्वारा देखा गया
अब तक का सबसे भयावह मुंह था
जब उसका मुंह खुला तो उसमें छोटे-छोटे जानवर थे
एक कुत्ता दो सिरों वाला इसकी जीभ पर था
और वह एक नवजात शिशु था
और वह शिशु चीख़ रहा था :
क्या तुम्हारे पास कोई नौकरी है?
क्या तुम्हारे पास है कोई हस्तांतरणीय कौशल?
क्या तुम सम़झते हो अपनी अकर्मण्यता के निहितार्थों को?
क्या तुम पसंद करोगे तला-भुना या उबला हुआ होना?
मैंने पूछा : तुम्हारी आंखें कहां हैं?
मुंह ने कहा : तुम्हारा शहर
तिरोहित हो चुका है
तुम अब तक क्या कर रहे हो यहां पर?
मैंने कहा : मैं शहर के लिये काम करता हूं।
मैं ज़िम्मेदार था ऐसे नौजवानों की आपूर्ति के लिये
जिनकी कुछ आर्थिक मूल्यवत्ता हो
पर वह एक अलग जीवन था
वह एक अलग ही कथा थी।
अब मैं अकड़ता हूं दूसरे शरीरों के साथ
हम साथ सोते और अकड़ते हैं
दैत्याकार बाथटब में
जहां क़ैद कर रखा है उन्होंने हमें
और अब हमारा कोई सम्बंध नहीं है अपने आप से
जब हम सूखे होते है तो अदला-बदली करते हैंं
कपड़े के टुकड़ों की
चिथड़ों को समेटते हैं और
ख़ुद को गर्म करते हैं हम उन तौलियों में
जो लिथड़े होते हैं
हमारे साथियों के पसीने और धूल में
नौकरशाह हंसते हैं
जब हम बात करते हैं उनके साथ
वे सुड़कने लगते हैं कच्चे घोंघों को
जब हम बात करते हैं उनके साथ
वे डाल देते हैं अपने पांव
हमारे मुंह के भीतर
जब हम बात करते हैं उनसे
वे कहते हैं : कवि तुम्हारा प्रिय कवि
आज अभी से मेरा यह बूट है
बूट कवि ठोकर मारता है मेरे एक दांत पर
और मैं महसूस करता हूं
कि वह गिर गया है मेरे मुंह में
मैं निगल जाता हूं अपने दांत को
और धोता हूं उस नहाने के पानी में उसे
जिसके भीतर सोता रहा हूं मैं
पिछले कई दिनों से
और दिन जब अनिवार्य रूप से निकलता है
मैं देखता हूं सुबह के संस्कारों को :
वे दूर कर देते हैं क्षितिज को
वे दूर कर देते हैं
आसमान और गली-मोहल्लों को
वे दूर कर देते हैं
नालियों और समुद्र तटों और नदियों
और पेड़ों और पक्षियों
और बिल्लियों और रकूनों और कूड़ा-कर्कट को
और हमेशा की तरह मैं
बाथटब के भीतर से देखता हूं सुबह को
जब तक कि कोई आता है
दैनिक जांच के लिये मेरे शरीर की
मेरा मूल्य मेरे ऐतिहासिक मूल्य से बेहद कम है
और बैंक के पास कोई विकल्प नहीं इसके सिवाय
कि वह इनकार कर दे उस ऋण के भुगतान से
जिसकी मुझे ज़रूरत है
दोबारा ख़ुद को ख़रीद पाने के लिये
मेरे अवमूल्यित घाव
मेरा निजीकृत रक्त
मेरा सड़ा हुआ शव गोते खा रहा है
उषाकाल के निजीकृत जलाशय में।


अँग्रेज़ी से अनुवाद : राजेश चन्द्र

लीजिए, अब यही कविता मूल अँग्रेज़ी में पढ़िए
       
                    The Privatized Waters of Dawn
                    BY DANIEL BORZUTZKY
The appraisers from the Chicago Police Department prod my body in the bathtub
They can’t stop coughing in my face
They want to know what street I come from
What code I speak
Who I bought my hair and skin from
What disease I hide in my veins
There are holes in my arm and the appraisers put their cigarettes in them
They don’t smoke their cigarettes
They just jam them into my arm
I have a faint idea of what it means to be alive
But almost all of my feelings have been extinguished
I feel my hand at the end of my arm
It is weightless
There are eyes floating in the air and the river won’t stop exploding
Earlier, when I was sleeping in the bathtub, I looked up at the ceiling
The little hole of a window exposed a sky the color of blood
I cried into the water and I thought about a note I needed to send to my parents
I needed to tell them my key was with a neighbor
I needed to tell them the four-digit code to my bank account
I needed to tell them that if I died in the water, if I died in the warehouse, if I died in the mud, if I died at the hand of the appraisers, there were some things I needed them to do
The city has disappeared into the privatized cellar of humanity
My street was obliterated from a love that could not be contained by mathematics or emotion
I could not sleep the night before my appointment to be deposited into the private sector
I stared out my bedroom window at 3 AM on a night I could not sleep

I was startled by a police siren
And from my window I watched the police pull a young man out of a black sedan
The driver had long hair
He was gangly and underfed and they asked him to a walk a straight line
You could see hunger in his jawbones
He walked the line perfectly
They put a light to his eye
Follow the light with your eyes, the officer said

They made him stand on one leg
They made him walk on one leg
He walked perfectly on one leg
He stood perfectly on one leg
They made him do twenty pushups
Why do I have to do twenty pushups, he asked
Because you’re a decrepit, public body, the police officer said, and you do not own yourself anymore

And the starving driver did the twenty pushups as gracefully as he could
I hid behind the blinds and I wanted to send a signal to the man who was being made to exert himself, to let him know that from here on out every institution he enters is going to be harsh, austere, inflexible

I went back to bed knowing they would put him in the privatized jail cell where he would wake up shrouded in a horrible halo of light

I went back to my bed and a voice kept shouting:

Do you speak English? Do you eat meat? Do you rub meat on your body? Do you own your own body? Do you like to eat raw organ with me? Do you like your organ maggoty? Do you want to know how you can get to the other side of the river?

The voice did not have a body
But it had a mouth
It was the biggest mouth I had ever seen
It opened its mouth and there were small animals inside of it
A dog with two heads was on its tongue and so was a newborn baby and the baby screamed:

Do you have a job? Do you have transferable skills? Do you understand the implications of your inaction? Would you prefer to be grilled, roasted or boiled?

I said: Where are your eyes?
The mouth said: Your city has disappeared, what are you still doing here?
I said: I work for the city. I was responsible for supplying the youth with degrees of economic value

But this was another life
This was another story
Now I squirm with the other bodies and together we sleep and squirm in the giant bathtubs they cage us in and we do not belong to ourselves
When we are dry we swap bits of clothing, wrinkled up rags, and we warm ourselves in towels filled with our partners’ sweat and dirt

The bureaucrats laugh at us when we talk to them
They slurp down raw oysters when we talk to them
They sink their feet into our mouths when we talk to them
They say: Poet your favorite poet from now on is my boot
The poet-boot kicks one of my teeth and I feel it fall into my mouth
I swallow my tooth and wash it down with the bath water I’ve been sleeping in for the last few days

And when day inevitably breaks I watch the morning ritual:
They take away the horizon
They take away the sky and the streets
They take away the sewers and the beaches and the river and the trees and the birds and the cats and the raccoons and the garbage

And as usual I watch from the bathtub of dawn until someone comes to conduct the daily appraisal of my body
I cost much less than my historical value and the bank has no choice but to deny the loan I need in order to buy myself back

My deflationary wounds
My privatized blood
My rotten carcass sinking into the privatized waters of dawn