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"करनियाँ मरने की हैं / प्रेम भारद्वाज" के अवतरणों में अंतर

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करनियाँ मरने की हैं
 
करनियाँ मरने की हैं

07:21, 5 अगस्त 2009 के समय का अवतरण

करनियाँ मरने की हैं
कथनियाँ जीने की हैं

तीर तुक्के अटकलें
फसलेगुल आने की हैं

फुर्तियां चिनने की हैं
दहशतें ढहने की हैं

रोज़ की ही आदतें
ठोक़रें ख़ाने की हैं

कोशिशें आख़िर तलक
चीथड़े सीने की हैं

आखिरी निश्वास तक
ख्वाहिशें जीने की हैं

प्रेम करके सूरतें
हर कदम रोने की हैं