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"काँपती है / अज्ञेय" के अवतरणों में अंतर

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पहाड़ नहीं काँपता,
 
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न पेड़, न तराई;
 
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काँपती है ढाल पर के घर से
 
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नीचे झील पर झरी
 
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दिये की लौ की
 
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नन्ही परछाईं।
 
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नवम्बर १९६९
 
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23:35, 1 नवम्बर 2009 का अवतरण

पहाड़ नहीं काँपता,
न पेड़, न तराई;
काँपती है ढाल पर के घर से
नीचे झील पर झरी
दिये की लौ की
नन्ही परछाईं।

बर्कले
नवम्बर १९६९