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हथेलियों पे हमारी है चाँद पूनम का
किसी की किसीकी शोख़ लटों में उतर गयी है रात
मिला न कोई महक दिल की तौलनेवाला
गुलाब! आपकी यों ही गुज़र गयी है रात
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