भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

"ख़्वाहिशें इतनी बढ़ीं इंसान आधा रह गया / अख़्तर होश्यारपुरी" के लिये जानकारी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मूल जानकारी

प्रदर्शित शीर्षकख़्वाहिशें इतनी बढ़ीं इंसान आधा रह गया / अख़्तर होश्यारपुरी
डिफ़ॉल्ट सॉर्ट कीख़्वाहिशें इतनी बढ़ीं इंसान आधा रह गया / अख़्तर होश्यारपुरी
पृष्ठ आकार (बाइट्स में)2,933
पृष्ठ आइ॰डी84247
पृष्ठ सामग्री भाषाहिन्दी (hi)
Page content modelविकिटेक्स्ट
सर्च इंजन बॉट द्वारा अनुक्रमणअनुमतित
दर्शाव की संख्या4,690
इस पृष्ठ को पुनर्निर्देशों की संख्या0
सामग्री पृष्ठों में गिना जाता हैहाँ

पृष्ठ सुरक्षा

संपादनसभी सदस्यों को अनुमति दें
स्थानांतरणसभी सदस्यों को अनुमति दें

सम्पादन इतिहास

पृष्ठ निर्मातासशुल्क योगदानकर्ता ३ (चर्चा | योगदान)
पृष्ठ निर्माण तिथि14:39, 3 नवम्बर 2013
नवीनतम सम्पादकसशुल्क योगदानकर्ता ३ (चर्चा | योगदान)
नवीनतम सम्पादन तिथि14:39, 3 नवम्बर 2013
संपादन की कुल संख्या1
लेखकों की संख्या1
हाल में हुए सम्पादनों की संख्या (पिछ्ले 91 दिन में)0
हाल ही में लेखकों की संख्या0

पृष्ठ जानकारी

प्रयुक्त साँचे (3)

इस पृष्ठ पर प्रयुक्त साँचे: