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"गणपति बब्बा आइयो / शास्त्री नित्यगोपाल कटारे" के अवतरणों में अंतर

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  गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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इते परो बुद्धि को टोटा सद्बुद्धि लेतैयो।
  
वायुयान सुरक्षित नइहां बा में सफर मती करियो
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वायुयान सुरक्षित नइहां बा में सफर मती करियो
रोड हो गये उबड़ खाबड़ बस में पाँव नहीं धरियो
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रोड हो गये उबड़ खाबड़ बस में पाँव नहीं धरियो
मूषा छोड़ कबहुँ धोखे से रेल में मत चढ़ जइयो।।
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मूषा छोड़ कबहुँ धोखे से रेल में मत चढ़ जइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
करियो मती अबेर तनिक दिनछित मुकाम पे आजइयो
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करियो मती अबेर तनिक दिनछित मुकाम पे आजइयो
बिजली को कछु नहीं ठिकानो मती भरोसे में रहियो
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बिजली को कछु नहीं ठिकानो मती भरोसे में रहियो
बीच सड़क में खुदी तलैंयें कींच में मत धस जइयो
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बीच सड़क में खुदी तलैंयें कींच में मत धस जइयो
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
अबकी साल पढान गुरु जी कक्षा में नहिं आ रहे हैं
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अबकी साल पढान गुरु जी कक्षा में नहिं आ रहे हैं
घर-घर घूमत फिरें गाँव में वोटर लिस्ट बना रहे हैं
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घर-घर घूमत फिरें गाँव में वोटर लिस्ट बना रहे हैं
आये परीक्षा सपने में पेपर आउट कर दइयो
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आये परीक्षा सपने में पेपर आउट कर दइयो
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
हो रहे अबहिं चुनाव सबइर अपनी-अपनी चिल्ला रहे हैं
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हो रहे अबहिं चुनाव सबइर अपनी-अपनी चिल्ला रहे हैं
आश्वासन वादों के मन के लड्डू खूब खिला रहें हैं
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आश्वासन वादों के मन के लड्डू खूब खिला रहें हैं
बचके रहियेगा तुम चुनाव को चिन्ह मती बन जइयो।।
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बचके रहियेगा तुम चुनाव को चिन्ह मती बन जइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
नकली भगत तुम्हारे तुमको गोदी में बैठा लेंगे
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नकली भगत तुम्हारे तुमको गोदी में बैठा लेंगे
कंधों पर ले ले के तुमको सारो शहर घुमा देंगे
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कंधों पर ले ले के तुमको सारो शहर घुमा देंगे
मोदी और बघेला के चक्कर में मत पड़ जइयो।।
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मोदी और बघेला के चक्कर में मत पड़ जइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
सबरो दूध गाँव को बाबू व्यर्थ चाय में खो रहे हैं
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सबरो दूध गाँव को बाबू व्यर्थ चाय में खो रहे हैं
खाके तेल मिलावट बारो हम सब कांटे हो रहे हैं
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खाके तेल मिलावट बारो हम सब कांटे हो रहे हैं
तुम्हहिं उते से कामधेनु को देशी घी लेत अइयो।।
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तुम्हहिं उते से कामधेनु को देशी घी लेत अइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
निर्भय हो बंदूकें लेके घूम रहे हैं हत्यारे
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निर्भय हो बंदूकें लेके घूम रहे हैं हत्यारे
भये अनाथ कई मोड़ा-मोड़ी भटक रहे मारे-मारे
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भये अनाथ कई मोड़ा-मोड़ी भटक रहे मारे-मारे
तुम आतंकवादियों की अब खाल में भुस भर दैयो।।
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तुम आतंकवादियों की अब खाल में भुस भर दैयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
  
पैसा बारे तुम्हें बतेंहैं सोना चाँदी और मेवा
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पैसा बारे तुम्हें बतेंहैं सोना चाँदी और मेवा
हम फट्टी पे बैठन वारे का कर पाएँगे सेवा
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हम फट्टी पे बैठन वारे का कर पाएँगे सेवा
तुम महलों को मेवा तजके साग हमारो खइयो।।
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तुम महलों को मेवा तजके साग हमारो खइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋद्धि सिद्धि लइयो।
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गणपति बब्बा अइयो ऋद्धि सिद्धि लइयो।
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01:42, 21 अप्रैल 2011 के समय का अवतरण

  
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।
इते परो बुद्धि को टोटा सद्बुद्धि लेतैयो।

वायुयान सुरक्षित नइहां बा में सफर मती करियो
रोड हो गये उबड़ खाबड़ बस में पाँव नहीं धरियो
मूषा छोड़ कबहुँ धोखे से रेल में मत चढ़ जइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

करियो मती अबेर तनिक दिनछित मुकाम पे आजइयो
बिजली को कछु नहीं ठिकानो मती भरोसे में रहियो
बीच सड़क में खुदी तलैंयें कींच में मत धस जइयो
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

अबकी साल पढान गुरु जी कक्षा में नहिं आ रहे हैं
घर-घर घूमत फिरें गाँव में वोटर लिस्ट बना रहे हैं
आये परीक्षा सपने में पेपर आउट कर दइयो
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

हो रहे अबहिं चुनाव सबइर अपनी-अपनी चिल्ला रहे हैं
आश्वासन वादों के मन के लड्डू खूब खिला रहें हैं
बचके रहियेगा तुम चुनाव को चिन्ह मती बन जइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

नकली भगत तुम्हारे तुमको गोदी में बैठा लेंगे
कंधों पर ले ले के तुमको सारो शहर घुमा देंगे
मोदी और बघेला के चक्कर में मत पड़ जइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

सबरो दूध गाँव को बाबू व्यर्थ चाय में खो रहे हैं
खाके तेल मिलावट बारो हम सब कांटे हो रहे हैं
तुम्हहिं उते से कामधेनु को देशी घी लेत अइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

निर्भय हो बंदूकें लेके घूम रहे हैं हत्यारे
भये अनाथ कई मोड़ा-मोड़ी भटक रहे मारे-मारे
तुम आतंकवादियों की अब खाल में भुस भर दैयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋ़द्धि सिद्धि लइयो।

पैसा बारे तुम्हें बतेंहैं सोना चाँदी और मेवा
हम फट्टी पे बैठन वारे का कर पाएँगे सेवा
तुम महलों को मेवा तजके साग हमारो खइयो।।
गणपति बब्बा अइयो ऋद्धि सिद्धि लइयो।