भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जीवन / वर्नर अस्पेंसट्रोम

Kavita Kosh से
Anupama Pathak (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 17:58, 16 अक्टूबर 2017 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=वर्नर अस्पेंसट्रोम |संग्रह= }} <Poem> श...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

शायद ही एक राय,
लेकिन नदी की ओर स्पष्ट दृष्टिकोण.
जैसे कमल
और कीचड़.
दो बतख तैर रहे हैं
एक दूसरे की ओर, उत्सुकता से,
बिना कुछ ज़्यादा समझे,
बनाते हैं जीने का आधार,
जीवन के अव्ययों से सूर्य की लालिमा में,
एक तूफ़ान से परे
और तैरते हैं फिर
एक दूसरे के विरुद्ध, अभी भी,
बिना कुछ ज़्यादा समझे.
यहाँ अब भी एक जीवन है.
यह है दो पक्षी का जीवन.


(मूल स्वीडिश से अनुवाद : अनुपमा पाठक)