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"नाचइ नदिया बीच हिलोर / कन्नौजी" के अवतरणों में अंतर

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को गीता कौ बाँचै <br/>
 
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चिड़िया चाहै पंख पसार<br />
 
चिड़िया चाहै पंख पसार<br />
उड़िबो दूरि गगन के पास<br />
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उड़िबो दूरि गगन के पार<br />

12:45, 9 जनवरी 2011 का अवतरण

   ♦   रचनाकार: आत्मप्रकाश शुक्ल

नाचइ नदिया बीच हिलोर
वनमां नचइ बसंती मोर
लागै सोरहों बसंत को
सिंगारु गोरिया।
सूधे परैं न पाँव
हिया मां हरिनी भरै कुलाँचैं
बयस बावरी मुँहु बिदकाबै
को गीता कौ बाँचै
चिड़िया चाहै पंख पसार
उड़िबो दूरि गगन के पार