भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

"सौत-सम्वाद / अनातोली परपरा" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
पंक्ति 2: पंक्ति 2:
 
{{KKAnooditRachna
 
{{KKAnooditRachna
 
|रचनाकार=अनातोली पारपरा
 
|रचनाकार=अनातोली पारपरा
|संग्रह=माँ की मीठी आवाज़ / अनातोली पारपरा
+
|संग्रह=माँ की मीठी आवाज़ / अनातोली परपरा
 
}}
 
}}
 
[[Category:रूसी भाषा]]
 
[[Category:रूसी भाषा]]

03:25, 1 दिसम्बर 2007 का अवतरण

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: अनातोली पारपरा  » संग्रह: माँ की मीठी आवाज़
»  सौत-सम्वाद

एक लोकगीत को सुनकर


ओ झड़बेरी, ओ झड़बेरी

मैं तुझे कहूँ व्यथा मेरी


सुन मेरी बात, री झड़बेरी

आता जो तेरे पास अहेरी


वह मेरा बालम सांवरिया

न कर उससे, यारी गहरी


वह छलिया, ठग है जादूगर

करता फुसला कर रति-लहरी


न कुपित हो तू, बहना, मुझ पे

बहुत आकुल हूँ, कातर गहरी