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गाज़ा / मेटिन जेन्गिज़ / मणि मोहन

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कल मैंने मृत्यु को देखा , वह पँखहीन थी
वह हवा में थी, बरस रही थी

जी, आप गाज़ा में हैं जहाँ मृत्यु ने अपना डेरा डाल रखा है
हवा, जैसे चीरकर रख दी है किसी चाकू ने
यहाँ सूरज एक अन्धी चीख़ है
उसके दर्पण ख़ामोश हैं
दरख़्त जैसे लाश हैं
मीनारें हवा में नहीं बल्कि शून्य में टिकी हैं

ये बच्चे, बच्चे, बच्चे, गाज़ा के बच्चे
सड़कें, बाज़ार, घर भरे हुए हैं बच्चों से
बच्चों की छवि वाला गाज़ा एक महाकाय प्राणी है
जो अपने दुश्मनों से लड़ता है
मृत्यु की गोद में गाते हुए बच्चे
दरवेशों की तरह ख़ामोश हैं बच्चे, मुसलमानों की तरह धार्मिक
वे इन्तज़ार कर रहे हैं युद्ध-विराम का
वे रणभूमि का कोना-कोना भरने जा रहे हैं
अपनी मृत्यु का आलिंगन भी
भूख के बारे में सोचे बिना

अपने चोंगों में ढकी हुई बूढ़ी स्त्रियाँ
घरों, सड़कों पर कन्धे से कन्धा मिलाकर जीवन की चौकीदारी कर रही हैं
असहाय, क्रोधित, उदास, प्रतिशोधी
आकाश की तरफ जाती किसी चीख़ की तरह

वादों की तरह
वे खड़ी हुई है आसमान के एक टुकड़े की तरह

जी, आप गाज़ा में हैं
मृत्यु यहाँ बच्चों के खेल है
जैसे नाश्ते में जैतून और रोटी
जैसे प्रेमरत युवा
गाज़ा में मृत्यु जैसे काँसे की बनी कोई मूर्ति

मृत्यु काम कर रही है जैसे गाज़ा का ज़ेहन

जी, आप गाज़ा में हैं
आग में हैं
जहाँ मृत्यु ने उसकी ज़ुबान निगल ली है
गाज़ा जैसे कोई उड़ा हुआ गुब्बारा है

अरब के शायर क्या कर सकते हैं
गीतों से जलने की बू आ रही है ग़ालील में
गाज़ा एक पीला नीम्बू है रेगिस्तान के बीच
एक तरफ़ उसे हिलाया जा रहा है अदृश्य हाथों से
लोहे के बीच दबाकर
तो दूसरी तरफ़ दुश्मन खड़े हुए हैं
मृत्यु के बादल बनकर
गाज़ा की आँखे सूख चुकी हैं रोते - रोते
तो अब गाज़ा से ख़ुदा की लाश बाहर निकलती है ।

मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : मणि मोहन

लीजिए, अब यही कविता मूल तुर्की भाषा में पढ़िए
            Metin Cengiz
                 Gazze
Dün ölümü gördüm, ölüm kanatsızdı
Yağmur gibi yağıyordu havada

İşte ölümün divan kurduğu Gazze’desin
Hava bir bıçakla yırtılıyor sanki
Kör bir çığlık güneş
Camları cam gibi suskun
Ağaçların cesetleri ceset gibi
Minareler gökyüzüne değil hiçliğe yaslanıyor

Çocuklar çocuklar çocuklar Gazze’nin çocukları
Çocuklar sokak sokak çocuklar çarşı çarşı çocuklar
ev ev
Gazze düşmanla çarpışan çocuk gölgeleriyle bir dev
Ölümün kucağında şarkı söylüyor çocuklar
Çocuklar azizler kadar sessiz müminler kadar
dindar
Kurşun sesleri dinsin diye bekliyorlar
Bir anda dolduracaklar alanları
Açlıklarını unutup ölülerine sarılacaklar

Ehramlarına sarınmış yaşlı kadınlar
Evler sokaklar omuz omuza hayatı koruyorlar
Sabırla çizilmiş yüzleri
Çaresiz asabi acılı kindar
Göğe ağan bir çığlık halinde
Göğe ağan yeminler gibi
Göğün bir parçası gibi duruyorlar

İşte Gazze’desiniz
Gazze’de ölüm çocukların oyunu gibi
Sabahları kahvaltıda zeytin ekmek gibi
Sevişmek gibi gençler arasında
Gazze’de ölüm tunçtan bir heykel gibi
Bütün pencerelerin baktığı
Ölüm aklı gibi çalışıyor Gazze’nin



İşte Gazze’desiniz
Ateşler arasında
Ölümün dilini yuttuğu ateşler arasında
Gazze sanki patlamış bir balon

Neylesin Arap ozanlar
Yanık kokar artık Celile’de türküler:
Gazze çöl ortasında bir sarı limon
Bir yandan görünmez eller sıkar
Çelikten bir cendereyle
Bir yandan düşman
Ölümden bir bulut halinde
Ağlamaktan kurumuş gözyaşları
Gazze’ ninGayrı Gazze’den tanrının cesedi çıkar