भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

वह भी कह गयी थी / लाल्टू

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 01:42, 27 अप्रैल 2010 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

वह भी कह गई थी
दो-एक कठिन अँग्रेज़ी शब्‍दों से
परख लिया था उसने मुझे
फिर कह गई
खत लिखेगी

छोटी-सी बात
उसका कहना
सुबह-शाम
हँसना-रोना लड़ना-खेलना
जैसी छोटी सी घटना

फिर भी सोचता हूँ
वह कह गई
पर अभी तक नहीं लिखा।