भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
पृथ्वी / कुंदन सिद्धार्थ
Kavita Kosh से
चिड़िया उदास होती है
तो पृथ्वी के माथे पर पड़ती हैं लकीरें
एक पेड़ मरता है
तो सबसे ज़्यादा चिंतित होती है
पृथ्वी
जब स्त्री रोती है
उस रात
पृथ्वी को नींद नहीं आती