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पेट के लिए बना तू भाड़े का सिपाही है / बल्ली सिंह चीमा

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पेट के लिए बना तू
भाड़े का सिपाही है
लाल झण्डे की लड़ाई
तेरी ही लड़ाई है ।

लाठी भी घुमाता है तू, गोली भी चलाता है तू ।
उल्टे हों या सीधे सारे, हुक़्म भी बजाता है तू ।
मर रहा है तेरे हाथों, तेरा ही तो भाई है ।
लाल झण्डे की लड़ाई तेरी ही लड़ाई है ।

खेत-खलिहान तेरे लाल बही खा गई ।
भूख ने सताया बात नौकरी पे आ गई ।
बेटा है किसान का तू और मेरा भाई है ।
लाल झण्डे की लड़ाई तेरी ही लड़ाई है ।

छोटी-सी पगार तेरी महँगाई खा गई ।
निभते-निभते बात रिश्वतों पर आ गई ।
मर गई संवेदनाएँ, बन गया कसाई है ।
लाल झण्डे की लड़ाई तेरी ही लड़ाई है ।

पेट के लिए बना तू
भाड़े का सिपाही है
लाल झण्डे की लड़ाई
तेरी ही लड़ाई है ।