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मम्मी जी की मम्मी / संजीव ठाकुर

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मम्मी जी की मम्मी आईं
लड्डू, पेड़े, बर्फी लाईं।

कितनी बढ़िया बर्फी है
सोनू ने सब हड़पी है।

देसी घी के बने हैं लड्डू
तुम भी चख लो भाई गुड्डू

पेड़े हैं रसदार बड़े
बंटी खाओ खड़े-खड़े

मम्मी जी की मम्मी आईं
हम सबको वह कितना भाईं।