भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अँखिया अलसानी, संइयाँ सेज चल हो / भोजपुरी होली गीत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

अँखिया अलसानी, संइयाँ सेज चल हो ।।टेक ।।

लाल पलँग, पचरंग के तकिया,
हो ता पर चादर तानी,।।टेक ।।

हलुके पाँव दीह पलँगे पर ,
जगिहें हमरो जेठानी।।टेक ।।

कर्मेन्दु शिशिर के संग्रह से