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अंगिका / अमरेन्द्र

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दादी-नानी खकसी बोललै-
हमरोॅ भाषा अंगिका ।
अंगिका ही ढोलक-तुतरु
तड़बड़ तासा अंगिका ।
बुनिया, चमचम, रसगुल्लो सब
यहेॅ बतासा अंगिका ।
बिन्दी, टिकुली, चूड़ी-चुनरी
झुमका-पासा अंगिका ।
ई बोलैवालाµघरवैया
आरो वासा अंगिका ।
अंगिका ही माय छै-
बोलै ई भौजाय छै ।
अंगिका माय जै पर खुश
ऊ सब खुश छै, बाकी फुस ।