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अंग गीत / राजकुमार

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बलि जी रोॅ बड़ोॅ बेटा, अंग रोॅ ऐंगनमां, सुन्दर लागै
अंगधातृ रोॅ नयनमां, सुन्दर लागै

प्रलय-सृजन-साखी, याँहीं छै, गरुड़ पाखी
आँखीं में जोगैनें राखी, प्रभु के चरणमां, सुन्दर लागै
अंगधातृ रोॅ नयनमां, सुन्दर लागै

शिव रोॅ उमंग अंग, काम छै भेलोॅ अनंग
रति-गति छै विहंग, ओढ़ी केॅ गगनमां, सुन्दर लागै
अंगघातृ रोॅ रोॅ नयनमां, सुन्दर लागै

कौशिकी-गंगा रोॅ पानी, अंग रोॅ अमर वाणी
जह्नु कहोल ऋषि शंृगी के सपनमां, सुन्दर लागै
अंगधातृ रोॅ नयनमां, सुन्दर लागै

जित्तोॅ बिहुला रोॅ गाथा, विक्रमशिला छै त्राता
बासुकी-मंदार धीर-वीर रोॅ गहनमां, सुन्र लागै
अंगधातृ रोॅ नयनमां, सुन्दर लागै