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अंजनी ललनवाँ अजबे लाल बा बदनवाँ / महेन्द्र मिश्र

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अंजनी ललनवाँ अजबे लाल बा बदनवाँ
बजरंगी हो कब लेब सुधिया हमार।।
मंगल के दाता हडअ मारूती नन्दन,
बजरंगी हो बुधिया के हउअ भंडार।।
संत हितकारी प्रभुजी अगम बलधारी,
बजरंगी हो विनती करीले बारम्बार।।
कहत महेन्द्र हनुमत दे द दरसनवाँ,
बजरंगी हो दरसन बिना जिया बेकरार।