भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  रंगोली
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

अक़्ल ने एक दिन ये दिल से कहा / इक़बाल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अक़्ल ने एक दिन ये दिल से कहा
भूले-भटके की रहनुमा हूँ मैं

दिल ने सुनकर कहा-ये सब सच है
पर मुझे भी तो देख क्या हूँ मैं

राज़े-हस्ती[1] को तू समझती है
और आँखों से देखता हूँ मैं

 

शब्दार्थ
  1. अस्तित्व के रहस्य