भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अगर घनश्याम का दिल / बिन्दु जी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अगर घनश्याम का दिल
आशिकों को दूर कर देता,
तो था किसका दम घर-घर में,
उन्हें मशहूर कर देता।
मज़ा कुछ तो मिला होगा-
अनोखे इश्क़ में तेरे,
वरना क्यों जान अपनी-
फ़िदा मंसूर कर देता।
गरज़ क्या थी उसे गोकुल में,
आकर ग्वाल बन जाता।
किसी का दर्दे दिल उसको-
न गर मजबूर कर देता।
जहर चितवन की बरछी का,
न आँखें बिन्दु से ढलती,
तो उनका दर्द पैदा
दिल में एक साँस भर देता।