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अज़ल जाँ-ब-लब उसके शेवन से है / मोमिन

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अज़ल[1] जाँ-ब-लब उसके शेवन[2] से है
ये नादिम[3] मेरे ज़ूद-कुश्तन[4] से है

वो बदख़्वाह[5] मुझ-सा तो मेरा नहीं
अबस[6] दोस्ती तुमको दुश्मन से है

मेरे दाग़ याद आये गुल देखकर
कि बेज़ार वह सैरे-गुलशन से है

जलाने से भी तेरा शाकिर[7] हूँ मैं
गिला नाला-ए-अतिश-अफ़गन[8] से है

शबे-ग़म मुए-शमअ को देखकर
हमें ख़िजलत[9] उस शोख़ बदज़न[10] से है

मेरा ख़ून क्या बाद गर्दन हुआ
कि बेताब वह दर्दे-गर्दन से है

जहाँ ख़ाक उड़ायी वहीं दब रहे
कदूरत अबस फ़िक्रे-मदफ़न[11] से है

नयी कुछ नहीं अपनी जाँ-बाज़ियाँ[12]
यही खेल हमको लड़कपन से है

शब्दार्थ
  1. सृष्टि का प्रारम्भ
     
  2. व्यवहार
  3. शर्मिन्दा
  4. शीघ्र मरण
     
  5. बुरा चाहने वाला
     
  6. बेकार, नाहक
     
  7. शुक्रगुज़ार
     
  8. अग्निवर्षा करने वाला क्रन्दन
     
  9. शर्मसारी
  10. शंकालु प्रेयसी
     
  11. समाधि की चिंता
     
  12. जान पर खेलने वाले शौक़