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अधूरा -पूरा / रजनी अनुरागी

आदम का दिल ईव पर आया
वर्जित फल खाने को उसने
ईव को उकसाया
फल खाने पर ईव से बोला आदम
 प्रिये! प्यार तुम्हे करता हूँ करता बेहद
हूँ तुम्हारे बिना अधूरा
साथ तुम्हारा मिल जाए तो
हो जाए यह जीवन पूरा
 
ईव मुस्कुराई , उसके वह निकट आई
तन मन के मिलन पर भी
 आदम हो सका न पूरा
निकल गया वह अगली राह
रहा हमेशा आधा और अधूरा
 
ईव ने अपने को समझाया
अपने भीतर झाँका
और खुद को पूरा पाया