भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  रंगोली
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

अनिल बिस्वास के लिए / फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हरेक हर्फ़े-तमन्ना[1] इस इज़्तिरार[2] में है
केः फिर नसीब हो दरबारे-यारे-बंदः नवाज़
हर इक ग़ज़ल का सफ़ीना इस इंतज़ार में है
केः आए मिस्ले-सबा[3] फिर अनील[4] की याद

शब्दार्थ
  1. मदिरा के लिए इच्छुक
  2. आतुरता
  3. हवा की तरह
  4. अनिल बिस्वास-- प्रसिद्ध संगीतकार एवं संगीत-निर्देशक, हिन्दी में अनिल का अर्थ भी ’हवा’ होता है