भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अनु-शासन / मोहिनी सिंह

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

भीड़ की दिशा तय हो
तय हो क़दमों का नाप
तय हो संख्या
तय हो कतार
जूतों के प्रकार
ताकि
ताकि भविष्य के इतिहास में मिलें
खालिस सामानांतर लकीरें
जमीन पर गहरी छपी
और हम गर्व करें
सबसे सुव्यवस्थित सभ्यता स्थापित करने का!