भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

अनोखा प्‍यार / क्रिस्टोफर ओकिग्बो / कुमार मुकुल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हमारे पीठ पीछे आ चुका है चंद्रमा
एक-दूसरे पर झुके
हम दो देवदारों के मध्य

चढते चंद्रमा के साथ
हमारा प्यार
हमारे आदिम एकांत में वास कर रहा है

अब‍ छायाएं हैं हम
लिपटे एक-दूसरे से
शून्य को चूमती
छायाएं केवल।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : कुमार मुकुल