Last modified on 4 फ़रवरी 2016, at 13:57

अपणे मुह तै माता कहकै आज डिगालिया ध्यान तनै / मेहर सिंह

जवाब रानी अम्बली का

धोखे तै लई बिठा जहाज मैं के सोची बेइमान तनै।
अपणे मुंह तै माता कहकै आज डिगालिया ध्यान तनै।टेक

ज्यादा बैठग्या दुःख पाकै
इस काया की तरफ लखाकै
उड़ै मीठी मीठी बात लगा कै, मेरे काट लिए कान तनै।

ईब के कैहण लग्या अन गोड्डे
आज किसे भरण लागग्या ओड्डे
हम आंख बांध कै आड़ै ल्या छोड्डे बस मैं करे प्राण तनै।

दया धर्म की नहीं खबर सै
पन्नालाल तेरै नहीं सब्र सै
पाप रूप बलवान जबर सै न्यूं करवादे कुर्बान तनै।

मेहर सिंह उलट गई तकदीर
मेरी आख्यां तै बहण लग्या नीर
दिया मार मालजे मैं तीर लाकै सही निशान तनै।