भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

अमावस का गीत / रमेश रंजक

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

शैतानी कर रहे सितारे
चाँद आज छुट्टी पर है ।
आज अन्धेरा अफ़सर है ।।

भेज दिए अर्दली धुँधलके
तम ने दसों दिशाओं को
चलते-चलते ठहर गई हैं
क्या हो गया हवाओं को ।

सड़कें ऐसे चुप हैं जैसे
शहर नहीं ये बंजर है ।
आज अन्धेरा अफ़सर है ।।

चली गई लानों की बातें
जाने किन तहखानों में
ऐसी ख़ामोशी है जैसी
होती है शमशानों में

आँगन से बाहर तक डर का
फैला हुआ समन्दर है ।
आज अन्धेरा अफ़सर है ।।