भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आँधी आएगी (नवगीत) / महेश उपाध्याय

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

चीलें उतर रही हैं
शायद आँधी आएगी
आख़िर कब तक हाड़
माँस महँगाई खाएगी

गर्मी के दिन-सी बढ़ती है
क़ीमत चीज़ों की
अलमारी मालकिन रह गई
तीन कमीज़ों की

धोती कब तक धोती में
थेगड़ी लगाएगी
आँधी आएगी

आँगन में ख़ून के खिलौने
चहक नहीं पाते
आधे-भूखे दिन घर में
टूट कर बिखर जाते

अब तो धरती आसमान पर
हाथ उठाएगी
आँधी आएगी