गृह
बेतरतीब
ध्यानसूची
सेटिंग्स
लॉग इन करें
कविता कोश के बारे में
अस्वीकरण
Last modified on 13 जुलाई 2014, at 14:52
आइये बहुअड़ इस घरां / हरियाणवी
चर्चा
हरियाणवी लोकगीत
♦
रचनाकार:
अज्ञात
लोकगीतों की भाषा चुनें
अवधी
कन्नौजी
कश्मीरी
कुमाँऊनी
खड़ी बोली
गढ़वाली
गुजराती
गोंड
छत्तीसगढी
निमाड़ी
पंजाबी
बाँगरू
बांग्ला
बुन्देली
ब्रजभाषा
भदावरी
भोजपुरी
मगही
मराठी
माड़िया
मालवी
मैथिली
राजस्थानी
संथाली
संस्कृत
हरियाणवी
हिन्दी
हिमाचली
देखें
आइये बहुअड़ इस घरां तेरी सासड़ आई सुसर घरां
आइये बहुअड़ इस घरां तेरी जिठाणी आई जेठ घरां