भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आओ बेटी बचावां / रचना शेखावत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मा देवै जलम
जी सा पाळै
मा बिरमा म्हारी
जी सा बिसनूं
म्हारो लेखो
म्हारो करयोड़ो करम
म्हारो संकळप महेस होय‘र
समूळा पडपच सुंवारै
देखो
बेमाता री गिणत में
मा पै‘ली है
आओ, आपां इज
पै‘ली राखां मा नै
आओ बचावां बेटी नै।