भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आज का गीत / रत्नेश कुमार

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हमें तो अयोध्या भाए
देश रहे या भाड़ में जाए
विहिप को कुर्सी पे बिठाए
देश रहे या भाड़ में जाए
संघी नमस्ते बोलवाएँ
देश रहे या भाड़ में जाए
वन्दे मातरम् कहलाएँ
देश रहे या भाड़ में जाए
लीग से लाग लगाएँ
देश रहे या भाड़ में जाए