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आज फिर उनका सामना होगा / सबा सीकरी

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आज फिर उनका सामना होगा
क्या पता उसके बाद क्या होगा ।

आसमान रो रहा है दो दिन से
आपने कुछ कहा-सुना होगा ।

दो क़दम पर सही तेरा कूचा[1]
ये भी सदियों का फ़ासला होगा ।

घर जलाता है रोशनी के लिए
कोई मुझ सा भी दिलजला होगा ।

शब्दार्थ
  1. गली