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आज बहुत लम्बा था दिन / गैयोम अपोल्लीनेर

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आज बहुत लम्बा था दिन
आख़िर बीत गया

कल फिर उभरेगा वैसे ही
पहाड़ पर डूबेगा ऐसे ही
जाएँगे जादू के किले में हम
लौटेंगे थकान से भर कर

दिन फिर रीतेगा
जैसे आज रीत गया
आख़िर दिन बीत गया

रूसी से अनुवाद : अनिल जनविजय