भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

आत्म विश्वास (१) / शिवदीन राम जोशी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कांहूँ के भरोसो हीरा लाल मणि मोतियाँ को,
                  कांहूँ के भरोसो बल जोर है जवानी को |
कांहूँ के भरोसो भाई मित्र सगा पुत्रन को,
                कांहूँ के भरोसो धाम वाम सुख दानी को |
कांहूँ के भरोसो जप तप व्रत नेम हूँ को,
                 कांहूँ के भरोसो जोग सुरता सायानी को |
कांहूँ के भरोसो जंत्र तंत्र -मंत्र विद्या हूँ को,
              शिवदीन के भरोसो एक संत गुरु ज्ञानी को |