भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

आहा, कैसा आया जाड़ा / प्रकाश मनु

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गया नवंबर, शुरू दिसंबर,
उछल-कूदता भागा चंदर
लेकर आया स्वेटर दो-दो,
गरम कोट भी लाएगा वो।
ओढ़ेगा वह गरम रजाई,
नई रुई उसमें भरवाई।

जाड़े की जब होगी किल-किल,
खूब हँसेगा चंदर खिल-खिल।
और पढ़ेगा यही पहाड़ा-
आहा, कैस आया जाड़ा!