भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

इंक़िलाब / ख़ुर्शीद-उल-इस्लाम

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

वो कारवान-ए-गुल-ए-ताज़ा जिस के मुज़्दे से
दिमाग़-ए-इश्क़ मोअत्तर है और फ़ज़ा मामूर
दिलों से कितना क़रीं है नज़र से कितनी दूर