भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

इनपे लगे कुलरियाँ घालन / ईसुरी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

इनपे लगे कुलरियाँ घालन,
मऊआ मानस पालन।
इनै काटवौ ना चइयत तौ,
काट देत जै कालन।
ऐसे रूख भूख के लानैं,
लगवा दये नंद लालन।
जे कर देत नई सी ईसुर
मरी मराई खालन।